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सोलर पैनल ख़रीदते वक्त रखें 5 बातों का ध्यान

आज के समय में बढती बिजली की दरों और बिजली की कटौती की समस्या के कारण सोलर एनर्जी की जरूरत काफी बढ़ गई है और कई सारी नई कंपनियां बाजार में आई है जो सोलर पैनल बेच रही है ऐसे में कई कंपनियां लोगों के फायदे के लिए काम करती है तो वही कुछ कंपनिया घटिया प्रोडक्ट बेच कर धोखाधड़ी कर रही है ऐसे में सही प्रोडक्ट का चयन करना बहुत जरुरी है वरना हमे सोलर सिस्टम लगाने का कोई फायदा नही मिल पायेगा| इस ब्लॉग में जानेंगे कैसे हम 5 बातों का ध्यान रख कर सही सोलर पैनल खरीद कर धोखाधड़ी से बच सकते है|
सोलर पैनल सिलिकॉन से बनते है जो सूर्य से मिलने वाली रोशनी से बिजली बनाते है ऐसे में सही टेक्नोलॉजी के सोलर पैनल खरीद कर कम कीमत में पर्याप्त बिजली बना सकते है बाजारों में मुख्यतः 4 तरह के सोलर पैनल देखने को मिलते है|
पॉलीक्रिस्टलाइन सोलर पैनल:
इस पैनल में हल्के नीले रंग के सोलर सेल होते है जो छोटे क्रिस्टल को जोड़ कर बनाते है इसमें बचा हुए सिलिकॉन का इस्तेमाल किया जाता है जिसकी वजह से दक्षता(Efficiency) थोड़ी कम 15-17% होती है यह पैनल कम रौशनी और खराब मौसम में कम इलेक्कीट्रिसिटी जनरेट करता है लेकिन ज्यादातर जगह पर यही सोलर पैनल काम में लिया जाता है और यह थोड़े सस्ते होते है|
मोनोक्रिस्टलाइन सोलर पैनल :
यह पैनल दिखने में गहरे नीले या काले रंग के होते है इनमें प्योर सिलिकॉन का इस्तेमाल किया जाता है इसकी दक्षता (Efficiency) पॉलीक्रिस्टलाइन पैनल से ज्यादा 20-22%होती है और यह पैनल खराब मौसम और कम धुप में ज्यादा पॉवर जनरेट करता है इसी पैनल को और एडवांस बनाया गया है जिस को मोनो पर्क पैनल के नाम से भी जानते है |
हाफ कट सोलर पैनल :
यह पैनल एडवांस टेक्नोलॉजी के साथ बनाया गया है इसके सोलर सेल को हाफ करके लगाया गया है जिससे इसमें सोलर सेल की मात्रा ज्यादा हो जाती है और इसकी दक्षता (Efficiency) काफी बढ़ जाती है जो किसी भी मौसम में ज्यादा पॉवर को जनरेट करता है इस पैनल को उपयोग में लेने के लिए बहुत कम जगह की जरुरत होती है
बायफेशियल सोलर पैनल :
यह पैनल लेटेस्ट टेक्नोलॉजी से साथ आता है खास बात यह है की जहाँ नार्मल पैनल एक साइड से बिजली बनाते है लेकिन यह पैनल दोनों साइड से बिजली बनाता है जिससे इसकी दक्षता (Efficiency) दुसरे पैनल से ज्यादा होती है लगभग 27-30% तक होती है यह कम जगह पर और सभी मौसम में ज्यादा पॉवर को जनरेट करता है लेकिन इसकी कीमत दुसरे सभी पैनल से ज्यादा होती है|
Durability(मजबूती)-
सोलर पैनल की मजबूती का पता करने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है
सोलर पैनल की फ्रेम के एल्युमीनियम का इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि एल्युमीनियम पर जंक नहीं लगता है और इसकी लाइफ 10-15 साल की होती है |
सोलर पैनल पर टेम्पर्ड ग्लास लगा होता है जो पैनल को बारिश, मिट्टी से बचाता है लेकिन बहुत सी कंपनिया नार्मल ग्लास भी लगा देती है
उसके बाद सोलर सेल होते है जो सिलिकॉन के क्रिस्टल से बना होता है
लास्ट में एक सफ़ेद शीट होती है जो सूर्य की किरणों सोलर पैनल के दूसरी और जाने से रोकती है
सोलर पैनल के पीछे की साइड में कनेक्शन के लिए जंक्शन बॉक्स होता है जिससे पैनल को आपस में कनेक्ट किया जाता है जो की दो तरह के होते है एक IP67 जो वाटर रेसिस्टेंट होते है जिसमें पानी जा सकता है दूसरा IP68 जो की वाटर प्रूफ होते है
केबल के कनेक्शन के लिए हमेशा MC4 कनेक्टर को काम में लेना चाइये जिससे शार्ट सर्किट न हो और केबल भी सुरक्षित रहे
वारंटी –
सोलर कंपनी की और से पैनल की वारंटी upto 20-25 साल की होती है लेकिन यहां पर वारंटी 2 टाइप की होती है
1 -मैन्युफैक्चरिंग वारंटी 2 – प्रफोमेंस वारंटी
यहां पर 10-15 साल की प्रोडक्ट की वारंटी होती है जिसमें पैनल की फ्रेम, ग्लास, सेल, जंक्शन बॉक्स आदि की वारंटीहोती है
प्रोडक्ट के प्रफोमेंस की वारंटी होती है जिसमे 25 साल तक पैनल के पॉवर जनरेट की दक्षता(Efficiency) पर दी जाती है
तापमान गुणांक (Temperature Coefficient) –
जब सोलर पैनल पर तापमान के कम या ज्यादा होने से सोलर कम पॉवर जनरेट करता है क्योंकि सोलर कंपनी पैनल को 25 डिग्री के टेम्परेचर बनाती है जैसे राजस्थान में 50 डिग्री तक का टेम्परेचर होता है और नार्थ में 10 डिग्री तक का टेम्परेचर होता है जिसकी वजह से सोलर पैनल कम पॉवर जनरेट करता है तो इस कंडीसन में आपको सोलर पैनल के टेम्परेचर को ध्यान में रख कर खरीदना चाहिए
उपभोक्ता समीक्षा (Customer Review) –
आज के समय में किसी भी प्रोडक्ट को खरीदने से पहले हम उस प्रोडक्ट की डिटेल और कंपनी के बारे में रिसर्च करते है इसके लिए हम दुसरे उपभोक्ताओं के रिव्यु को पढ़ते है लेकिन यहां पर कंपनिया पैसे देकर अच्छे कमेंट डलवाते है जिससें जो भी कस्टमर रिव्यु पढ़ेगा उसे वह प्रोडक्ट अच्छा ही लगेगा इसके लिए आपको कंपनी की offical website से प्रोडक्ट की पूरी जानकारी लेनी होगी|
सारांश-
हमने इस ब्लॉग में सोलर पैनल को खरीदते समय किन किन बातों का ध्यान रखना चाइये इस बारे में पूरी जानकारी दी गयी है सोलर पैनल को अपनी जरूरत के अनुसार लेना चाहिए साथ ही आपको मौसम और टेम्परेचर के साथ कितने किलोवाट के सोलर पैनल खरीदनें है इसका भी ध्यान रखना होगा तो आप भी सोलर पैनल लगा कर फ्री की बिजली बनाए और पेसे बचाएं

Nilesh Jangid

आप सभी का स्वागत है, मैं 2015 से हरित ऊर्जा के क्षेत्र में काम कर रहा हूँ और कई बार देखा है लोगों में सोलर एनर्जी की जागरूकता की अभाव के कारण अक्सर बेवक़ूफ़ बना दिया जाता है और बेकार चायनीज़ प्रोडक्ट भी महँगे दाम पर बेच दिया जाता है इन्हीं कारणों की वजह से हम वेबसाइट और यूट्यूब चैनल की मद्द से आप लोगों को सौर ऊर्जा के प्रति जागरूक करने का काम कर रहे है जिससे आप लोगों के साथ धोखाधड़ी ना हो सकते और सही क़ीमत में आपको अच्छा प्रोडक्ट मिल सके। आप सभी का धन्यवाद हमें सहयोग करने के लिए जय हिंद जय भारत वंदे मातरम्

This Post Has 2 Comments

  1. Gamer Ranawat

    Nice

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